सलाम ज़िन्दगी सलाम जिंदादिली
मनु 'बेतखल्लुस' की गज़ल हरकीरत जी के बाद पेश है मनु 'बेतखल्लुस' जी की एक गज़ल. जिसने थामा अम्बर को वो तुझे सहारा भी देगा, जिसने नज़र अता की है, वो कोई नज़ारा भी देगा छोड़ ना यूँ उम्मीद का दामन, ऐसे भी मायूस न हो, अभी छुपा है बेशक, पर वो कभी इशारा भी दे...
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Shamikh Faraz
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[25 Feb 2009 00:02 AM]



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