आज़ादी पर श्रद्धा की बानगी
विदिशा में जन्म और शिक्षा-दीक्षा भी यहीं। दूर-दूर तक साहित्य और अदब-ऐ-चमन की रानायिओं से वास्ता नहीं .लेकिन सिंगापूर पहुंचकर आपने अपनी कलम से जन्मजात शायरा होने की सनद हासिल कर ली.electrononics में m.sc. श्रद्धा वहाँ इक स्कूल में हिन्दी पढाती हैं और...
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शहरोज़
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[14 Aug 2008 12:23 PM]



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