चलो रे कांवडि़या भोले बाबा की नगरिया
सावन के महीने में होती है कांवडियोंकी यात्रा। भक्तगण कांवडके दोनों तरफ गंगाजल भरे पात्र लटकाकर चल देते हैं भोले शंकर पर श्रद्धापूर्वकउडेलने। देवघरजाने वाले कांवडिएविश्व प्रसिद्ध हैं। इनमें से अधिकांश गेरुआ वस्त्र धारण किए रहते हैं। भक्त सुल्तानगंजमें...
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rahul pandit
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[30 Jul 2009 11:10 AM]



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