हिंदुत्व:वसुधैव कुटुम्बकम
भारतीय संसद के केंद्रीय कक्ष के प्रवेशद्वार पर एक श्लोक लिखा है- अयंनिज: परोवेतिगणना लघुचेतसाम, उदार चरितानामतुवसुधैव कुटुम्बकम्। यदि हम और आप संकुचित दायरे से ऊपर उठकर सारी सृष्टि के कल्याण के बारे में सोचें, तो हमारा जीवन सफल हो सकता है। यही हमारे...
[पूरी पोस्ट]
rahul pandit
7
0
0
0
0
[01 Aug 2009 11:23 AM]



Shuffle







