'ब', 'क' और विनयना

कथा सरित सागर हमेशा की तरह नाक की सीध में चलती जा रही थी कि रिसेप्शन पर नीरा दी दिखाई दीं . पंकज से बात कर रहीं थीं! उन्हें वहाँ देखकर स्कूल की पत्रिका की याद आई. एक दिन पहले ही मिली थी, उसमें वीरा दी का आर्टिकल पढने को मिला. कमाल का सेंस ऑफ ह्यूमर है इनका . आज उन... [पूरी पोस्ट]
writer padma rai
views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[23 Aug 2008 03:30 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix