शाहों के शाह आबरू
वीं शताब्दी के शाइरों में एक आबरू भी रौशन हुए। ख़ासे तहज़ीब-पसंद और मिलनसार शायर। आबरू को पढ़ते हुए या कहिए कि आबरू के बारे में पढ़ते हुए दो नाम बराबर सामने आते हैं। पहला- ख़ाने आरज़ू, जिन्हें आबरू अपना कलाम दिखाया करते थे। बावजूद इसके कि ख़ुद आबरू क...
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aalok shrivastav
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[06 Oct 2008 04:05 AM]



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