लक्ष्यविहीन तमाशबीन
शेक्सपियर महोदय कहते है कि ये दुनिया एक रंगमंच की तरह है और हम सब यंहा अपने अपने किरदार जी रहे है- जो कुछ हम कहते सुनते या बोलते है वो हम सबकी स्क्रिप्ट है जो दिमाग की फाइल में पहले से फीड है- मतलब ये मानते ही हम सब सारे पाप पुण्य से मुक्त होकर ये मा...
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UjjawalTrivedi
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[17 Sep 2008 10:53 AM]



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