तुर्गनेवः करुणा और आशा
ईवान सेर्गेयेविच तुर्गनेव को पढ़ना मेरे लिए कुछ ऐसी स्मृतियां लेकर आता है जैसे सर्दियों के मौसम में कभी न खत्म होने वाला बारिश का झुटपुटा। शायद इसलिए कि उसी दौरान हमारे शहर में रूसी किताबों की प्रदर्शनी लगा करती थी। हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू में हजार...
[पूरी पोस्ट]
दिनेश श्रीनेत
8
0
0
0
0
[08 Dec 2008 19:08 PM]



Shuffle








