हर शहर का अपना एक आसमान होता है

खिड़कियां मैं शहरों को उनके आसमान से पहचानता हूं। आप किसी भी शहर की जमीन को जब अपने पैरों से टटोलते हैं... तो थोड़ा ठिठककर चंद कदम पीछे हटकर ऊपर की तरफ देखें। उस आसमान को पहचानें। यकीनन वह वहां से अलग होगा... जहां से आप आए हैं। बस यहीं से शुरुआत होती है उस शहर... [पूरी पोस्ट]
writer दिनेश श्रीनेत
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[01 Oct 2008 08:31 AM]

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