मुसीबत में 'अन्नदाता'
देश में किसानों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अपने खून-पसीने से अन्न का उत्पादन कर दूसरों का पेट भरने वाले किसान आज खुद भूखे पेट सोने के लिए मजबूर हैं। कभी बेमौसमी बारिश उन पर कहर ढाती है तो कभी सूखा। न तो उन्हें सूदखोरों से चंगुल से मुक्ति मिल रही ह...
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सचिन मिश्रा
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[19 Jul 2008 15:30 PM]



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