बहना चाहता हूं,,,,,,,,,,,,,,

मेरे पंख,,,,,,,,,,,,,,,,, मौत से पहले जिंदगी को महसूस करना चाहता हूं रहूं ना रहूं मैं- विचार बनकर धमनियों में बहना चाहता हूं। सूख गए होठों पर पानी की बूंद बन बरसना चाहता हूं अंधेरी, पथराई आंखों से आंसू बनकर बहना चाहता हूं। आंत की चुभन को कुंद- करना चाहता हूं पलकों के पीछे की... [पूरी पोस्ट]
writer Samyak
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[21 Jun 2008 04:42 AM]

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