कली और फूल

क्षितिज कली और फूल कली जब तक कली रहती है वह नारी बनी रहती है। लेकिन फूल खिलते ही पुरुष बन जाता है । होते यदि कामता प्रसाद गुरु, ज़िन्दा ,तो उनसे पूछती , कली और फूल का. यह व्याकरण कैसा ?... [पूरी पोस्ट]
writer उषा वर्मा
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[18 May 2009 18:24 PM]

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