आशा वसंत

LIFE: AS I SEE IT विश्वा सुंदरी धरा विभूषित सुगम सरल पुश्पाभूषण से कनक रंग मय रक्त वर्ण सम विविध रंजनाभूषण से भरा हुआ है मन्द हास्य से पुलकित हुई हवा का स्वर कुसुमित हो इस नयी छटा मे कुंठित मानव मन तरुवर नयी धूप के छद्म रुप ने वृक्षों को ललकाया है कभी झूमती कभी सम्हलत... [पूरी पोस्ट]
writer Paridhi Jha
views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[19 Apr 2007 05:12 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix