अनाम

LIFE: AS I SEE IT आज फ़िर मैंने खुली आँख से सपना देखा दिल ने फ़िर दूर कहीं आज वो अपना देखा धुंधला था सब कुछ पराया था जहाँ मेरा कुछ भी नही कुछ और ही पाया था वहाँ अकेले रास्ते गलियाँ गुम से गुमसुम मुकाम कोहरे की बाहों मे लिपटे हुए किस्से तमाम अँधेरी स्याह थी दुनिया -- खाम... [पूरी पोस्ट]
writer Paridhi Jha
views
9
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[07 Mar 2008 02:40 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix