दो बहनें
काश के एक रोज़ यूँ ही तू मुझे मिली होती, रख लेता तुझे संभाल के सहेज के, मेह्फूस कर के. तू न आई अपनी सौतेली बहन को भेज दिया. वो जब-जब आई मैंने दरवाज़ा नहीं खोला, सदा तेरा ही इंतज़ार किया. और एक रोज़ खुद ही उसको बुला लिया. मुझे क्या प...
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●๋• नीर ஐ
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[06 Sep 2009 13:04 PM]



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