दंगा उत्सव
दंगे हमारे शहर, प्रदेश और देश का गौरव हैं। महीने-चार महीने में दमदार दंगे न हों तो पता ही नहीं चलता कि हमारी कौमें जिंदा हैं और उनका अपना धर्म भी है। जैसे सिर में दर्द होने पर सिर का बोध होता है, पिछवाड़े बालतोड़ होने पर पिछवाड़े का अहसास होता है, पेट म...
[पूरी पोस्ट]
ओम द्विवेदी
5
0
0
0
0
[28 Aug 2009 10:39 AM]



Shuffle








