"नववर्ष की शुभ कामनाएं "

सागरनामा समक्रमिकता से समस्वरता ... होती विस्तृत चेतनता ; पुष्पित कुसुमित होता अवचेतन धूम्राच्छादित परिवेश से परे अलमस्त कुछ सागर की तरह ; स्तनित नर्तन , अतिवर्तन औ' जीवंतता , स्वर नियंता का चरैवेति ....चरैवेति ! है लक्ष्य से भी महत्वपूर्ण गंतव्य - यात्रा की... [पूरी पोस्ट]
writer सागर
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[31 Dec 2008 09:05 AM]

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