आंसू -१

सागरनामा निशान बाकी रहें इसीलिए गीलापन ज़रूरी है बहुत सूखी रेत पर क्या रहेंगे अभी हैं अभी हवा का स्पर्श पाते ही चुक जायेंगे निशान बाकी रहें इसीलिए तो.....!! यूँ ही नहीं बिछाता आया हूँ मैं आँसू तुम्हारी राह में !!... [पूरी पोस्ट]
writer सागर
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[10 Jan 2009 06:27 AM]

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