...पर ज़बां हो दिल की रफ़ीक
हसरत मोहानी - १) - पंकज शुक्ल यह बात तबकेरि आय जब हम पत्रकारिता केरि पढ़ाई कर रहेन रहै। तब दैनिक जागरण, कानपुर क्यार याकै पत्रकार और कवि हम पंचन का पत्रकारिता पढ़ावै आवत रहैं। उन तेरे हम याक दिन ऐसे हे पूछ दीनि कि पंडित जी यौ बताओ, डायरेक्टर बी आर चो...
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पंकज शुक्ल
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[14 Nov 2008 11:33 AM]



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