ये दिन
काले काले बादल आये सूरज के शरमाने के दिन गर्मी टाटा करके बोली मेरे हैं अब जाने के दिन। मोर नाच कर कहता सबसे आये खुशी मनाने के दिन बंधन कोई बांध न पाये नदिया के इठलाने के दिन। पलक झपकते छुट्टी बीती नई क्लास में जाने के दिन होमवर्क फ़िर गले पड़ गया पढ़ने...
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creativekona
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[24 Jul 2009 22:31 PM]



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