‘न्यूयॉर्क‘
फिल्म समीक्षा जिंदादिल और अर्थपूर्ण ‘न्यूयॉर्क‘ धीरेन्द्र अस्थाना यशराज बैनर से बड़े दिनों के बाद कोई इतनी जिंदादिल, तर्कपूर्ण तथा अर्थपूर्ण फिल्म आई है जिसे कम से कम दो बार देखा जा सकता है। कमर्शियल सिनेमा को किस रचनात्मक अंदाज में एक विचार में बदला...
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dhirendra asthana
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[27 Jun 2009 06:35 AM]



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