ये क्या हो गया.........? (ग़ज़ल)

अनुरक्ति नींद आती नहीं है ,ये क्या हो गया ? रात जाती नहीं है, ये क्या हो गया ?? प ्रेम हो या कि हो हादसा आँख अब ! छलछलाती नहीं है ,ये क्या हो गया ! अब किसी भी चरण पर कोई आस्था ! सर झुकाती नहीं है, ये क्या हो गया !! वैसे कहने को तो रातरानी है ये ! गमगमाती नहीं... [पूरी पोस्ट]
writer ललितमोहन त्रिवेदी
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[06 Jan 2009 10:25 AM]

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