उमर खैयाम की रुबाइयां
ईरान का दार्शनिक कवि उमर खैयाम दुनिया भर को आकर्षित करता रहा है. हिंदी में खैयाम की रुबाइयों के अधिसंख्य रूपान्तर मूल कृति (फारसी) से न होकर एडवर्ड फिट्ज़जेराल्ड कृत अंग्रेजी अनुवाद से हुए हैं. यह जानते हुए भी कि मैथिलीशरण गुप्त, सुमित्रानंदन पन्त और...
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Hemant Snehi
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[22 Dec 2008 12:48 PM]



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