राजघाट
राष्ट्रपिता का जन्मदिवस जग मना रहा था सारा, रुकी न दिन भर राजघाट पर उमड़ रही जनधारा । श्रद्धा से सब शान्तिदूत को सुमन चढ़ाते जाते, चरखा-यज्ञ किया भक्तों ने रामनाम धुन गाते । गाँधी की जयकारों के स्वर दिशा-दिशा में गूंजे, अधरों पर संकल्प आज थे आसमान से...
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Hemant Snehi
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[03 Aug 2009 00:41 AM]



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