पुनर्वालोकन

पुनर्वालोकन भिज्ञ-अनभिज्ञ" कौन हूं? क्या हूं ?? कुछ ज्ञात नहीं अज्ञात नाम ??? शायद अपना नहीं जोड दिया गया है मेरे साथ कहीं से उठा कर या फ़िर चुरा कर अनजाना अस्तित्व, वस्तुत:स्थापना नहीं पर पाऊं कहां स्वत्व अपना - खोजता फिरता हूं यहां,वहां,जहां,तहां! लगता है कहां... [पूरी पोस्ट]
writer ©डा0अनिल चडड़ा(Dr.Anil Chadah)
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[29 Jun 2009 03:23 AM]

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