मुक्तिकामी नौजवानों की शौर्यगाथा - तरुणाई का तराना
साहित्यकार, कलाकार, बुद्धिजीवी कई तरह के होते हैं, कुछ कला के लिए कला की, कविता के लिए कविता आदि की रचना करते हैं और कुछ मानवता को आगे ले जाने, उसे सही रास्ता दिखाने, और संवेदनाओं को जगाने-विसंगतियों पर प्रहार करने वाली रचनाओं का निर्माण करते हैं.....
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Sankalp
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[19 Sep 2008 05:22 AM]



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