ऐसा क्यों होता है ?

लाइट ले यार ! बाग़ के उस झुरमुट में प्रेयसी का बाप देख ह्रदय बैठ जाता है बदन कंपकपाता है , ऐसा क्यों होता है ! अंधियारी बाँहों में मरघट की राहों में रूपसी को देख यार साँस फूल जाता है , ऐसा क्यों होता है !... [पूरी पोस्ट]
writer सतीश सक्सेना
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[20 Jun 2008 10:07 AM]

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