केशव से !

लाइट ले यार ! १६ जुलाई १९९३ को लिखी यह हास्य कविता, स्कूल जीवन में एक बहुत मजाकिया दोस्त, की यादों पर आधारित है ! बदायूं के उन दिनों की याद आते ही चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है , एक शब्द चित्रण दे रहा हूँ ! तेरा क्या बुरा किया मैंने, तुम मुझको क्यों पिटवाते हो ! व... [पूरी पोस्ट]
writer सतीश सक्सेना
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[26 Jun 2008 23:03 PM]

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