मेरी प्यारी रजाई

बबलू का बचपन मेरी रजाई गरम-गरम इसके अंदर सोते हम यह मुझसे भी भारी है लेकिन मुझको प्यारी है ठंडक से लड़ जाती है सर्दी से दूर भगाती है मुझको अपनी गोद में लेकर परी लोक तक जाती है जब गर्मी आ जाती है ये बक्से में छिप जाती है... [पूरी पोस्ट]
writer बबलू
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[15 Dec 2008 13:03 PM]

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