चोरी-चोरी गुझिया खाई नैना जी की हुई पिटाई

बबलू का बचपन नैना को है भोजन प्यारा गुझिया से महके घर सारा नैना का मन हुआ बेचैन गुझिया खाकर मिलेगा चैन नैना का जी ललचाए खोजा बहुत थाल ना पाए मम्मी जी ने थाल छिपाया नैना को भी गुस्सा आया अब तो गुझिया खानी है कोई जुगत लगानी है मम्मी थी कमरे में सोई नहीं दिखा किचन म... [पूरी पोस्ट]
writer बबलू
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[16 Apr 2009 14:09 PM]

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