मेडीटेशंस - प्रथम अध्याय (किश्त - १)
१ अपने दादा वेरुस से (की भांति) मैंने शालीनता और नर्म स्वभाव पाया है। २ जैसा लोग कहते भी हैं, और मुझको भी ऐसा याद है, अपने पिता से (की भांति) मैंने सम्पूर्णता और पुरुषत्व पाया है। ३ अपनी माँ से मैंने सीखा : धर्मनिष्ठा, उदारता, ग़लत करने से बचना - यहा...
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Rahul Singh
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[11 Jul 2009 14:22 PM]



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