आज कितनी बार मरे!

विवेक के व्यंग आज कितनी बार मरे! व्यंग्य आज कितनी बार मरे! विवके रंजन श्रीवास्तव रामपुर, जबलपुर. बचपन में बडी मधुरता होती है, ढेरों गलतियं माफ होती है, सब की संवेदना साथ होती है, ’’अरे क्या हुआ बच्चा है’’ ! तभी तो भगवान कृष्ण ने कन्हैया के अपने बाल रूप में खूब माखन... [पूरी पोस्ट]
writer Vivek Ranjan Shrivastava
views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[09 Dec 2008 14:46 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix