आल्हा-रूदल गीत

कुछ यादें - अपनी सी लागल कचहरी जब आल्हा के बँगला बड़े- बड़े बबुआन लागल कचहरी उजैनन के बिसैनन के दरबार नौ सौ नागा नागपूर के नगफेनी बाँध तरवार बैठल काकन डिल्ली के लोहतमियाँ तीन हजार मढ़वर तिरौता करमवार है जिन्ह के बैठल कुम्ह चण्डाल झड़ो उझनिया गुजहनिया है बाबू बैठल गदहियावाल... [पूरी पोस्ट]
writer Rajeev Ranjan Lall
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[14 Nov 2006 03:42 AM]

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