बारहमासा - महाकवि विद्यापति

कुछ यादें - अपनी सी साओनर साज ने भादवक दही। आसिनक ओस ने कार्तिकक मही।। अगहनक जीर ने पुषक धनी। माधक मीसरी ने फागुनक चना।। चैतक गुड़ ने बैसाखक तेल। जेठक चलब ने अषाढ़क बेल।। कहे धन्वन्तरि अहि सबसँ बचे। त वैदराज काहे पुरिया रचे।। चानन रगड़ि सुहागिनी हे गेले फूलक हार। सेनुरा स... [पूरी पोस्ट]
writer Rajeev Ranjan Lall
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[21 Feb 2007 04:56 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix