हाय रे! हिन्दी.... अपने देश में हमारी राष्ट्र-भाषा का जो हाल देखा तो मेरा अंतर्मन रो पड़ा अपनी उसी भावना को मैं यहाँ व्यक्त कर रही हूँ
हाय रे ! हिंदी तू अपनों में ही पराई हुई ...... तेरे देश में तेरे ही अपने तुझे बोलने पर शर्माते हैं तुझे बोलने पर तेरे अपनों पर जुर्माना लगता है तेरे नौनिहाल तुझे बोलने पर अपराधी बनते हैं तुझे बोलने वाले जीविका के लिए भटकते हैं क्यों किया तुझे पराया अ...
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अर्चना तिवारी
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[04 Jul 2009 12:12 PM]



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