'कर्मवीर'
कहती हैं लम्बी सूनसान राहें हर पल राहों पे आते - जाते दिखाती हूँ भटकते मुसाफिरों को मंजिल का रास्ता करके खुद की गुमराह राहें कहती हैं लम्बी ..... साथ देती हूँ राही का हर मोड़ पे पर वो भूल जातें हैं खुद की मंजिलों को पा के कहती हैं लम्बी ..... शिकवा न...
[पूरी पोस्ट]
अर्चना तिवारी
11
0
0
0
0
[20 Jun 2009 13:15 PM]



Shuffle








