" तिवारी साहब" की चवन्नियां

राग-दीपक तिवारी साहब पन्डताइन को लिवाने ससुराल गए थे ! वहाँ इस बार बड़ा आनंद दायक माहौल था ! और वहां पर शेरो शायरी का कुछ अच्छा माहौल जम गया था ! आप भी तिवारी साहब की वहा पर सुनी सुनाई चवन्नी छाप शायरी की दो चवन्नियों का लुत्फ़ उठाइये ! पहली चवन्नी :- मैं सूंघ... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक "तिवारी साहब"

पन्डताइन

views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[09 Sep 2008 03:42 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix