चरित्र का दोगलापन

राग-दीपक हम ज़रा बाहर चले गए थे इस वजह से आप लोगो से रूबरू नही हो सके !अब लौट आए हैं तो नियमित होने की कोशीश करेंगे ! असल में यार लोगो ने हमारी छवि बिगाड़ कर रख दी है ! यकीन मानिए तिवारी साहब जैसे हैं वैसे हैं !हम आपको जैसे दीख रहे हैं वैसे ही हैं ! हमारे पास... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक "तिवारी साहब"

तिवारीसाहब

views
8
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[19 Sep 2008 09:44 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix