तिवारीसाहब के विचार दशहरे पर आज के सन्दर्भ में

राग-दीपक आज सुबह सुबह पन्डताईन ने सब्जी मंडी की लिस्ट पकडा दी ! दशहरे की बड़ी रौनक है ! बच्चे भी रावण जलाने की जोगाड़ में लकडी वगैरह कबाड़ने के चक्कर में हैं ! अनेक वृक्षों की बली आज पक्की है ! आजकल तिवारी साहब ओशो की "प्रीतम छवि नैनन बसी " पढ़ रहे हैं ! रात... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक "तिवारी साहब"

राम

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[09 Oct 2008 01:11 AM]

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