सम्मोहन का सेतु
वीणा के तार यदि ढीले हो जाएं तो उससे कैसे स्वर निकलेंगे, यह कोई भी समझ सकता है। इसी प्रकार यदि मनुष्य के जीवन को सुन्दर स्वर देने वाले सम्मोहन के तारों को ढीला छोड दिया जाए तो उसके जीवन संगीत की भी वही दशा होनी है जो ढीले तारों वाली वीणा से निकले संग...
[पूरी पोस्ट]
श्रीकांत पाराशर
8
0
0
0
0
[18 Oct 2008 03:35 AM]



Shuffle








