....वो खुशी खुशी लौट आए
आज बुधवार का दिन है, और चिंता की चादर ने मुझे इस कदर ढक लिया है, जैसे सर्दी के दिनों में धूप को कोहरा, क्योंकि आते शनिवार को मेरी पत्नी शादी के बाद पहली बार मायके जा रही है, और वादा है अगले बुधवार को लौटने का. तब तक मेरा इस चिंता की चादर से बाहर आना...
[पूरी पोस्ट]
कुलवंत हैप्पी
13
0
0
0
0
[18 Feb 2009 22:32 PM]



Shuffle








