तेरी याद चली आती है ..........................

RAJ SINHasan....... say इस बार एक गीत। चाँद गगन में जब उगता है तेरी याद चली आती है। साथ चांदनी के धरती पर, तेरी याद चली आती है। चाँद नीहार भरी आंखों से रोते लगते तारे बन जाते आँसू रजनी के ओस बिन्दु हैं सारे बीलख बीलख कहती बयार है दूर देश मत जारे अनसोयी रातों में देखूँ मैं स... [पूरी पोस्ट]
writer RAJ SINH
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[29 Dec 2008 03:49 AM]

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