पहली कविता

ATM मेरा दरवाज़ा खटखटाता नही मेरे घर, अब कोई आता नही । कोई ना कहता, बात करो मुझसे , ख़ुद को बतलाता, मैं प्यार करूं तुझसे । कोई ना मेरा नाम दोहराता , हाथ से किताब, ना कोई ले जाता । बड़ी बातें अब कोई भूल जाता नही , छोटी बातों पे चिढचिडाता नहीं । सुन्दरता में... [पूरी पोस्ट]
writer Atul Mongia
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[05 Apr 2008 07:14 AM]

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