जीवन का सवाल

ATM चाँद ने कहा , तू कौन है , ज़मीं पे खड़ा , आसमां से जुड़ा , बहते शब- ओ- सहर में कुछ बहता हुआ । राह ने कहा , कहाँ तेरी दिशा , साँस की धड़कन , टहलती बिन सरगम , झील की नईया , सिरकती बिन खिवईया । मौसम ने कहा , कैसी तेरी खिज़ा , कलियाँ हुई बेरंगी , बसंती पेड़... [पूरी पोस्ट]
writer Atul Mongia
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[05 Apr 2008 07:04 AM]

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