मेरा बड़ा ज़ुल्म...

ATM मेरा ज़ुल्म ना छोटा, के बहुत बड़ा है , ऐ अज़ीज़ों, मुझको प्यार करना ना आया । कुछ की कोशिशें, दिल लगाने की इबादत , ताउम्र तवील रातें, है तन्हाई की आदत । सुर्ख पाक़ हुस्न-ए-दिलारा रास ना आया , शरीक-ए-हयात-ए-ख्वाब मुझको ना भाया । उसने किया प्यार, बेइंतहा नि... [पूरी पोस्ट]
writer Atul Mongia
views
11
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[05 Apr 2008 06:58 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix