व्यंग्य- शतरंज के नए खिलाड़ी
शतरंज के नए खिलाड़ी0प्रेम जनमेजय प्रेमचंंद की कहानी ‘शतरंज के खिलाड़ी’ के नवाबों को तो आप जानते ही हैं पर क्या स्वतंत्र भारत के बाद पैदा हुए उन नवाबों को भी आप जानते हैंं जिनके दिमाग में हर समय शतरंज बिछी रहती है। सामंतशाही का युग चला गया, उनके साथ उ...
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प्रेम जनमेजय
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[14 Dec 2008 04:25 AM]



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