राग भूपाली

Swar Ganga स्वर गंगा राग भोपाली एक कल्याण थाट का तथा औडव जाती का राग होता है। इसमें म और नि स्वर वर्जित होते है। वादी स्वर गा होता है और संवादी ध होता है। इसको रात्रि के प्रथम प्रहर में गाया और बजाया जाता है। इस राग का चलन मुख्यत: मन्द्र और मध्य सप्तक के प्रतह्म हिस्से म... [पूरी पोस्ट]
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[07 Nov 2008 11:44 AM]

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