राग पुरिया धनाश्री
पूर्वी थाट का संपूर्ण जाति का , एक अत्यन्त सुंदर राग है पुरिया स्वर - प संवादी स्वर - रे॒ समय : दिन का चतुर्थ प्रहार अर्थात शाम ३-६ बजे। वैसे किसी भी समय अच्छा लगता है। आरोह - नी़़ रे॒ ग मे ध॒ नी रेँ॒ सां। अवरोह - रेँ॒ नी ध॒ प, मे ग मे रे॒ ग रे॒ पाकर...
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[11 Nov 2008 19:42 PM]



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