राग ललित : तू है मेरा प्रेम देवता

Swar Ganga स्वर गंगा ललित एक प्रचलित राग है । इसे रात्रि के चौथे प्रहर अर्थात सुबह ३ बजे से ६ बजे तक का गानेबजाने का समय है। इस राग की सरंचना इस प्रकार है आरोह : 'न - र - ग - म - म - म, - ग - म - ध - न - स्' अवरोह : स्' - न - ध - म - म - ग - र - स् वादी : म संवादी : स्'... [पूरी पोस्ट]
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[01 Dec 2008 20:54 PM]

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