आयेगा कौन?

बीच-बजार पतझड़ है पीले पत्ते हैं गर्म हवा है धूप बड़ी है होठों पर मुस्कान कुटिल लेकर यह तक़दीर खड़ी है सहमा-सा है एक गीत इसे संग मेरे अब गायेगा कौन? जीवन के इस मोड़ पे तन्हा खड़ा हूं, संग आयेगा कौन? - पराग khada kabira beech-bazaar na koi bair na koi pyaar... [पूरी पोस्ट]
writer parag mandle
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[23 Sep 2005 01:36 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix